परिचय नाम-सुधांशु तिवारी "वात्सल्य श्याम" मोबाइल नंबर- 8858986989 सोशल मीडिया- vatsalyshyam
मंगलवार, 17 मार्च 2020
शनिवार, 14 मार्च 2020
ओ खुदा तू बता !!!!
ओ खुदा तू बता,
क्या इतना मैं ग़लत था,
है जुदा अब रास्ता,
क्या चाहा मैं यही था...
रो रहा मैं सुनो,
अब तो तुम खुश हो,
मर रहा मैं सुनो,
जीना भी तो तुम हो..
जो कहा न रहा ,
जिंदगी का क्या पता,
सुन जरा साहिबा,
अब तो तुम खुश हो....
जा रहा मैं सुनो,
यम के उस निवास में,
खुश रहो तुम सदा,
दुनिया के वास में ....
क्या इतना मैं ग़लत था,
है जुदा अब रास्ता,
क्या चाहा मैं यही था...
रो रहा मैं सुनो,
अब तो तुम खुश हो,
मर रहा मैं सुनो,
जीना भी तो तुम हो..
जो कहा न रहा ,
जिंदगी का क्या पता,
सुन जरा साहिबा,
अब तो तुम खुश हो....
जा रहा मैं सुनो,
यम के उस निवास में,
खुश रहो तुम सदा,
दुनिया के वास में ....
ओ रे हवा रे पुरवइया !!!!!
ओ रे ! हवा रे ! पुरवइया
मेरा इतना सा कर दे काम,
मैंने लिखा है खत सुन ले तू,
पहुँचा दे उस पार.....
अब आजा मेरे प्यार,
तू आजा मेरे यार......!!!
कह देना अब न जी पाऊँ ,
तेरे बिना सुन मर जाऊँ,
मत जा तू मेरे प्यार,
अब दम घुटता है यार......
अब आजा मेरे प्यार,
तू आजा मेरे यार......!!!
तेरे लिए आसान बहुत है,
मेरे बिना सब काम बहुत है,
पता हमे भी भूल गई तू,
पर तू मेरा संसार......
अब आजा मेरे प्यार,
तू आजा मेरे यार......!!!
माना मैं तो बहुत बुरा हूँ,
तेरे लिए मैं ख़ुद से लड़ा हूँ,
माफ़ तू कर दे यार,
मत जा तू मेरे प्यार ......
अब आजा मेरे प्यार,
तू आजा मेरे यार......!!!!
कहना सबने है समझाया,
पर लड़का ये समझ न पाया,
चार दिनों से भूखा प्यासा,
करता रहा इंतज़ार.....
अब आजा मेरे प्यार,
तू आजा मेरे यार......!!!!!!!
मेरा इतना सा कर दे काम,
मैंने लिखा है खत सुन ले तू,
पहुँचा दे उस पार.....
अब आजा मेरे प्यार,
तू आजा मेरे यार......!!!
कह देना अब न जी पाऊँ ,
तेरे बिना सुन मर जाऊँ,
मत जा तू मेरे प्यार,
अब दम घुटता है यार......
अब आजा मेरे प्यार,
तू आजा मेरे यार......!!!
तेरे लिए आसान बहुत है,
मेरे बिना सब काम बहुत है,
पता हमे भी भूल गई तू,
पर तू मेरा संसार......
अब आजा मेरे प्यार,
तू आजा मेरे यार......!!!
माना मैं तो बहुत बुरा हूँ,
तेरे लिए मैं ख़ुद से लड़ा हूँ,
माफ़ तू कर दे यार,
मत जा तू मेरे प्यार ......
अब आजा मेरे प्यार,
तू आजा मेरे यार......!!!!
कहना सबने है समझाया,
पर लड़का ये समझ न पाया,
चार दिनों से भूखा प्यासा,
करता रहा इंतज़ार.....
अब आजा मेरे प्यार,
तू आजा मेरे यार......!!!!!!!
मतलबी दुनिया 🙏
1.तुमसे दिल लगा कर गलती की थी मैंने,
तुम्हे अपना बना कर गलती की थी मैंने,
सुनो टूटकर चाहा था तुम्हे ज़ालिम बेवफ़ा,
पर इतना चाहकर भी गलती की थी मैंने।।
रोकर गिड़गिड़ाकर गलती की थी मैंने
इतना गिरकर भी ग़लती की थी मैंने,
सबने तुम्हें ग़लत ही कहा था बेवफ़ा,
पर तुम्हे अपनाकर गलती की थी मैंने।।।
-----------------------------------------------------
2.तेरे जाने के बाद ख़ुद को आवारा बना लिया था,
मैंने तो सिगरेट को अपना सहारा बना लिया था,
जब जब कहि भी तेरी याद आई मुझे हर बार सुनो,
मैं मयखाने पहुँचकर उसी को किनारा बना लिया था....
-----------------------------------------------------
3.तुम्हारी धड़कन जब जब बढ़ेगी,
समझना मेरी रूह तुमसे मिलेगी,
जा तो रहा हूँ इस बदलती दुनिया से,
पर मेरी याद तेरे दिल में हमेशा रहेगी।।।।
-----------------------------------------------------
तुम्हे अपना बना कर गलती की थी मैंने,
सुनो टूटकर चाहा था तुम्हे ज़ालिम बेवफ़ा,
पर इतना चाहकर भी गलती की थी मैंने।।
रोकर गिड़गिड़ाकर गलती की थी मैंने
इतना गिरकर भी ग़लती की थी मैंने,
सबने तुम्हें ग़लत ही कहा था बेवफ़ा,
पर तुम्हे अपनाकर गलती की थी मैंने।।।
-----------------------------------------------------
2.तेरे जाने के बाद ख़ुद को आवारा बना लिया था,
मैंने तो सिगरेट को अपना सहारा बना लिया था,
जब जब कहि भी तेरी याद आई मुझे हर बार सुनो,
मैं मयखाने पहुँचकर उसी को किनारा बना लिया था....
-----------------------------------------------------
3.तुम्हारी धड़कन जब जब बढ़ेगी,
समझना मेरी रूह तुमसे मिलेगी,
जा तो रहा हूँ इस बदलती दुनिया से,
पर मेरी याद तेरे दिल में हमेशा रहेगी।।।।
-----------------------------------------------------
शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2020
दूर मुझसे कहीं ...
दूर मुझसे कही तुम चले जाना न,
तुम किसी और कि जान हो जाना न
रोज़ सजदा करूँ मैं तेरे नाम की,
तुम किसी और की चाँद हो जाना न।1।
तुम किसी और कि जान हो जाना न
रोज़ सजदा करूँ मैं तेरे नाम की,
तुम किसी और की चाँद हो जाना न।1।
तुम रहो बस मेरी ये दुआ मैं करूँ,
सिर्फ़ तेरे लिए मैं व्रत भी रखूँ,
जो ये बदल हूँ मैं तो बदल जाना न
दूर मुझसे कहि तुम चले जाना न ।2।
सिर्फ़ तेरे लिए मैं व्रत भी रखूँ,
जो ये बदल हूँ मैं तो बदल जाना न
दूर मुझसे कहि तुम चले जाना न ।2।
तुम भी कर लो इरादा इतना प्रिये
साथ मेरे व तेरा जनम भर रहे
तुम सुनो गैर की रानी बन जाना न,
स्वप्न में भी कभी छोड़के जाना न ।3।
साथ मेरे व तेरा जनम भर रहे
तुम सुनो गैर की रानी बन जाना न,
स्वप्न में भी कभी छोड़के जाना न ।3।
शनिवार, 11 जनवरी 2020
कहो प्रिये!!!
कहो प्रिये!!!
क्या याद न आती??
तुमको अब तो मेरी,
कहो तुम्हे !!!
क्या अब न होती??
उन शामों को देरी,
कहो तुम्हे!!
क्या फिकर न होती,
तुमको अब तो मेरी।।
तुमको सूरज चाँद कहा था,
पता तुम्हे तो होगा,
तुमको हमने तारा कहा था,
याद तुम्हे वो होगा,
वो तारा अब टूट गया है,
उसका छाया छूट गया है,
कैसे ख़ुद ये समझाए,
कैसे दिल को ये बहलाये,
तुमने तो है ढूढ़ लिया वर,
किसको ये अब राधा बुलाए,
किसका कान्हा अब कहलाए,
तुम भी तो न जीना सीखा,
मुझको इतना तुम बतला दो
कैसे जिए बेचारा???
कहो तुम्हे !!!
क्या वो खुश रखता,
नैनों से न आसूँ बहता
कहो कभी!!
क्यों खबर न लेती
तुम तो अब तो मेरी,
कहो तुम्हे !!
क्या फिकर न होती,
तुमको अब तो मेरी।।।।।।
क्या याद न आती??
तुमको अब तो मेरी,
कहो तुम्हे !!!
क्या अब न होती??
उन शामों को देरी,
कहो तुम्हे!!
क्या फिकर न होती,
तुमको अब तो मेरी।।
तुमको सूरज चाँद कहा था,
पता तुम्हे तो होगा,
तुमको हमने तारा कहा था,
याद तुम्हे वो होगा,
वो तारा अब टूट गया है,
उसका छाया छूट गया है,
कैसे ख़ुद ये समझाए,
कैसे दिल को ये बहलाये,
तुमने तो है ढूढ़ लिया वर,
किसको ये अब राधा बुलाए,
किसका कान्हा अब कहलाए,
तुम भी तो न जीना सीखा,
मुझको इतना तुम बतला दो
कैसे जिए बेचारा???
कहो तुम्हे !!!
क्या वो खुश रखता,
नैनों से न आसूँ बहता
कहो कभी!!
क्यों खबर न लेती
तुम तो अब तो मेरी,
कहो तुम्हे !!
क्या फिकर न होती,
तुमको अब तो मेरी।।।।।।
गुरुवार, 2 जनवरी 2020
किस्सा
जागकर के वो मेरी प्रीतम,
अपने दिल को मुझको सुना दो,
हाल दिल का उधर भी यही है,
इक बार फिर से किस्सा बता दो।।
रात भर तुमसे बातें वो करना,
मुझको फ़िर से वो राते दिला दो
मैं तुम्हारा ही हूँ ऐसा कहकर,
मुझ पर अपने हक़ को जता दो।।
माजरत जो हुई है मेरे दिल से,
इस हिमाक़त दिल को सज़ा दो,
या तो कह दो मोहब्बत है तुमसे
या यूं ही दिल को ऐसे रुला दो।।
पर कसम से वो मेरी प्रीतम
अपने दिल का अब तो पता दो,
मैं तुम्हारी ही हूँ ऐसा कहकर,
मेरे घर को फिर से बसा दो।।
अपने दिल को मुझको सुना दो,
हाल दिल का उधर भी यही है,
इक बार फिर से किस्सा बता दो।।
रात भर तुमसे बातें वो करना,
मुझको फ़िर से वो राते दिला दो
मैं तुम्हारा ही हूँ ऐसा कहकर,
मुझ पर अपने हक़ को जता दो।।
माजरत जो हुई है मेरे दिल से,
इस हिमाक़त दिल को सज़ा दो,
या तो कह दो मोहब्बत है तुमसे
या यूं ही दिल को ऐसे रुला दो।।
पर कसम से वो मेरी प्रीतम
अपने दिल का अब तो पता दो,
मैं तुम्हारी ही हूँ ऐसा कहकर,
मेरे घर को फिर से बसा दो।।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
-
वो आज रो रही थी! कौन?? अरे वही!जिसके बग़ैर, आजकल मुझे जीना नही आता है, वही जो मेरी हर बात को, दिल से लगाती है, अरे पागल और कौन वही, ज...
-
इक लड़की थी, जो शर्माती थी, मेरे ख्याब में अक्सर आती थी, कभी हसती थी, कभी गाती थी, वो हर रंग में भाती थी, वो बोली थी जरा सुनते हो, सपने ...
-
अबकी हमने उससे , न बात करने की कसम खाई है, ख्याबो में आती है, तो आने दो, पर हक़ीक़त में मुलाकात, न करने की कसम खाई है, वो हमको ग़ैर भी नह...

