नववर्ष नवल कुछ ला रहा,
नवकिरणें हमको दिखा रहा,
बढ़ चले हम पथ की ओर,
नववृंद भी ऐसा चाह रहा,
जो बीत गया वो बात गई,
दिनकर के संग वो रात गई,
चल नई सुबह हम लिखते हैं,
फिर नई सोच को बुनते हैं,
संकल्प नया, संघर्ष नया,
चल साथ साथ हम चलते हैं,
नववर्ष के नव उजियारे में,
हम नए पथों को बुनते हैं,
चल चलते हैं, चल चलते हैं!!!!
#New Goal For New Year
@vatsalyshyam
परिचय नाम-सुधांशु तिवारी "वात्सल्य श्याम" मोबाइल नंबर- 8858986989 सोशल मीडिया- vatsalyshyam
रविवार, 31 दिसंबर 2017
नववर्ष
Happy New Year 2018
नववर्ष में नई खुशी हो,
ये वर्ष कामयाब गली हो,
शिकवे सबसे दूर हो,
हमारे होंठों की ऐसी हसी हो!!!!!!
#Happy New Year 2018
@vatsalyshyam
शायरी4
वो जो मेरी डायरी है ना,
वो भी तेरा दीदार चाहती है,
तेरे लिए इतना लिखा हुं कि,
वो भी अब हम दोनों में प्यार चाहती है!!!!!
@vatsalyshyam
शायरी3
तेरा दरस पाने को जी चाहता है
खुदी को मिटाने को जी चाहता है
इस दिल में उठा जो #मोहब्बत का दरिया
मेरा डूबजाने को जी चाहता है
यह दुनिया है सारी नज़र का ही धोखा
तेरे पास आने को जी चाहता है
पिला दे मुझे मस्ती का प्याला
तेरी मस्ती में आने को जी चाहता है
@vatslyshyam
शुक्रवार, 7 अप्रैल 2017
राष्ट्र सेना
कर रहे थे मन सशंकित,
दूर निर्जन वन न जाना,
काँटों से वो पथ भरा है,
लक्ष्य तुम्हारा है जहाँ पर,
वो धरा रक्त से सना है,
लोग देते दान जीवन,
मृत्यु के उस देवता को,
राष्ट्र सेना में न जाना,
कंधे मिलना ही लिखा है,
पर मेरा तन मन ये कहता,
राष्ट्र सेना को समर्पित,
है मेरा जीवन ये सारा,
चाहकर भी न रूकुँगा,
मृत्यु से मैं भी लडुँगा,
राष्ट्र के हर अस्मिता की,
हर कदम रक्षा करूंगा,
सरफरोशी गीत गाकर,
वन्दे मातरम कहुँगा !!!!
जय हिंद :जय भारत
मैं अकेला
मैं अकेला,
पथ का पथिक हुँ,
इस भरे संसार में,
जाना मुझको दूर तक है,
उस लक्ष्य के बाजार में !
कुछ बलाते,कुछ डराते,
कुछ तो चाहते हैं फसाना,
इस मोह, माया जाल में,
पर मेरा जीवन समर्पित,
इस लक्ष्य के बाजार में !
मैं अकेला! मैं अकेला! मैं अकेला!
सुधांशु तिवारी "श्याम "